डीजीसीए ने चीन गए लोगों को भारत आने पर लगाया रोक, जानें क्या है मामला

डीजीसीए

नईदिल्ली। चीन में कोरोना वायरस का कहर जारी है। मीडिया खबरों के मुताबिक, चीन में इन जानलेवा वायरस से अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 37000 से ज्यादा बताया जा रहा है। इसी बीच भारत के विमानन नियंत्रक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि 15 जनवरी के बाद चीन गए विदेशियों को भारत आने की अनुमति नहीं है।

महानिदेशालय ने यह निर्देश चीन में कोरोना से हुई मौतों के बाद लिया है। हाल के रिपोर्ट ने चीन की सरकार के साथ-साथ दुनियाभर के सरकारों की नींद उड़ा दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस अब हवा के जरिए भी फैलने लगा है। इससे पहले कहा गया था कि यह सिर्फ संक्रमित व्यक्ति से संपर्क रखने पर ही फैलता है।

डीजीसीए ने शनिवार को उड़ान कंपनियों को भेजे अपने परिपत्र में एक बार फिर दोहराया कि पांच फरवरी से पहले चीनी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा निलंबित किए जाते हैं। हालांकि डीजीसीए ने स्पष्ट किया, ये वीजा पाबंदियां विमान चालक दल के सदस्यों पर लागू नहीं होतीं, जोकि चीन से आने वाले चीनी या विदेशी नागरिक हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें -   कोरोना अपडेट: भारत में कोरोना 50 हजार के करीब, किस राज्य में कितनी मौतें हुई?

डीजीसीए ने कहा 15 जनवरी 2020 या उसके बाद चीन जाने वाले विदेशियों को भारत-नेपाल, भारत-भूटान, भारत-बांग्लादेश या भारत-म्यांमार भूमि सीमाओं सहित किसी भी हवाई, भूमि या बंदरगाह के जरिए भारत आने की अनुमति नहीं है। जानकारी के मुताबिक इंडिन एयर लाइन, इंडिगो और एयर इंडिया ने चीन के लिए सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है। स्पाइस जेट की दिल्ली-हॉन्ग कॉन्ग रूट पर उड़ानें जारी रहेंगी।

वहीं केरल सरकार ने कहा है कि 3000 लोग कोरोना वायरस के संबंध में अब भी निगरानी में हैं। सरकार ने कहा है कि 3,114 लोगों पर स्वास्थ्य टीमें नजर रख रही हैं। 45 अस्पतालों ने 3,099 मरीजों में देखा कि कोरोना वायरस के हल्के लक्षण देखे गए थे, वहीं कुछ की टेस्टिंग अब भी जारी है। अब तक 330 सैंपल्स को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजा गया है। इनमें से 288 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं।