कोरोना वायरस को लेकर उप्र में 10 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई: स्वास्थ्य मंत्री

कोरोना वायरस
  • ऑब्जर्वेशन में रखे गये प्रदेश में 12 देशों से आए 697 लोग
  • मंत्री बोले, प्रदेश में कम हो रहा कोरोना वायरस का इंफेक्शन रेट

लखनऊ।  कोरोना वायरस को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पहले दिन से ही अलर्ट मोड पर है। सरकार ने इसके खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि राज्य में इस वायरस का इन्फेक्शन रेट कम हो रहा है। प्रदेश में अब तक दस लाख यात्रियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। बारह देशों से आए 697 लोगों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अभी तक 175 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 157 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि 157 लोगों में कोई भी इंफेक्शन नहीं पाया गया। बचे हुए 18 मामलों में से 6 आगरा के और  एक गाजियाबाद के लोगों का सैंपल एनआईवी पुणे भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में आगरा के 6 लोगों को भर्ती कराया गया है। उसके अलावा आगरा के 66 लोगों को 24 घंटे के अंदर ट्रैक किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उप्र में सब कुछ नियंत्रण में है। राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर सारी व्यवस्थाएं पुख्ता कर ली है। आईसोलेशन के लिए अस्पतालों में 820 बेड तैयार हैं। सात मेडिकल कॉलेज भी व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से तैयार कर दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -   लॉकडाउन के नौवें दिन देश से पीएम मोदी ने मांगा रात 9 बजे... 9 मिनट

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस वायरस से घबराने की जरुरत नहीं है। राज्य में इसका इन्फेक्शन रेट कम हो रहा है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कुछ भी खाने से पहले हाथ को अच्छी तरह से साफ करें और हैंड वाशिंग प्रोटोकाल का पूरा पालन करें। साथ ही छींक आने पर रुमाल का प्रयोग करें। विदेशों से आये लोगों को उन्होंने ज्यादा ध्यान रखने की हिदायत दी।

यह भी पढ़ें -   बिहार में कोरोना के मामले 520 के पार, सिवान में मिला नया मरीज

गौरतलब है कि दो दिन पहले कोरोना वायरस ने आगरा के रास्ते उत्तर प्रदेश में दस्तक दी। इसके बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गयी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में तत्काल एक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने राजधानी में एक आपातकालीन बैठक बुलाकर कोरोना के रोकथाम और बचाव को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। इसके अलावा हवाई अड्डों और नेपाल सीमा पर पहले से ही बरती जा रही सर्तकता को और गहन कर दिया गया।