चीनी सेना ने भारत को दी धमकी, पीछे हटे भारत, अब सब्र टूट रहा

Chinese army gave threat India now patience broken

नई दिल्ली। भारत के शांतिपूर्ण हल के प्रयासों के बावजूद चीन द्वारा धमकी भरा बयान देना जारी है। इस चीन की सेना ने डोकलाम को लेकर भारत को धमकी दी है। चीनी सेना की ओर से कहा गया है कि उनके संयम की सीमा खत्म हो रही है। भारत को तुरंत ही पीछे हट जाना चाहिए। पीएलए ने अपने बयान में कहा है कि चीन अपनी सीमा की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।

चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता और पीएलएन के कर्नल रेन गुओकियांग ने बयान जारी कर कहा है कि चीन ने गुडविल दिखाते हुए इस मामले पर अभी तक कूटनीतिक रास्ता अपनाया है। लेकिन इसकी भी एक सीमा है। हमारा संयम खत्म होने की ओर है। रक्षा प्रवक्ता ने उलटे भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को इस भ्रम से निकल जाना चाहिए कि देर करने से डोकलाम का हल निकल जाएगा।

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चीनी सेना के कर्नल ने धमकी भरे लहजे में कहा कि चीन की जमीन को कोई भी देश नहीं ले सकता है। चीन की सेना अपनी भूभाग और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। बता दें कि हाल ही भारत स्थित चीनी दूतावास की और से 15 पेज का एक बयान जारी किया गया था जिसमें भारत की डोकलाम में मौजूदगी को गलत ठहराने की कोशिश की गई थी। इससे पहले चीन ने बीजिंग में स्थिति विदेशी दूतावासों, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और जी-20 के प्रतिनिधियों को डोकलाम में भारत के खिलाफ फर्जी सबूत पेश कर भड़काने की कोशिश कर चुका है।

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वहीं गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में चीन के मामले पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है। भारत-चीन और भूटान मिलकर इस मामले का हल बातचीत से निकालेंगे। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद भी बातचीत के लिए दोनों पक्षों को बैठना ही पड़ता है। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत अपने स्वभिमान की रक्षा के लिए तैयार है लेकिन शांति को प्राथमिकता देना हमारी नीति है। भारत ने चीन को 2012 के त्रिपक्षीय समझौते के पालन को लेकर भी सलाह दी है।

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बता दें कि भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर पिछले 50 दिनों से गतिरोध जारी है। चीन गाहे-बगाहे धमकी भरा बयान देता रहता है। अभी चीन और भारत की सेना डोकलाम में शांतिपूर्वक आमने-सामने हैं।

 

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