डब्ल्यूएचओ की फंडिंग को अमेरिका ने रोका, कोरोना संक्रमण को छिपाने का आरोप

डब्ल्यूएचओ की फंडिंग

न्यूयॉर्क। अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की फंडिंग को रोक दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने प्रशासन को अमेरिका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को होने वाली फंडिंग को रोकने का निर्देश दिया है। ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ पर नोवल कोरोना ‘कोविड-19 को लेकर गलत प्रबंधन करने और इसके प्रसार को छिपाने का भी आरोप लगाया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, आज मैं अपने प्रशासन को डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोकने का निर्देश दे रहा हूं। ट्रम्प ने कहा कि डब्लूएचओ ने चीन में फैले कोविड-19 (कोरोनावायरस) की गंभीरता को छिपाया। अगर संगठन ने बुनियादी स्तर पर काम किया होता तो यह महामारी पूरी दुनिया में नहीं फैलती और मरने वालों की संख्या काफी कम होती। कोविड-19 को लेकर गलत प्रबंधन और इसके प्रसार को छुपाने में डब्ल्यूएचओ की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सालाना 400 से 500 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। उन्होंने कहा,  क्या डब्ल्यूएचओ ने चीन में वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों को उपलब्ध कराने और चीन की पारदर्शिता की कमी को दूर करने के लिए अपना काम किया था? इसका प्रकोप बहुत कम होता और निश्चित रूप से मौतें कम होती। हजारों लोगों की मौत और वैश्विक अर्थव्यवस्था को होने वाली क्षति को टाला जा सकता था।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का फंड रोकने के लिए यह सही समय नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समय डब्ल्यूएचओ या कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले किसी अन्य मानव निर्मित संगठन के अभियान के स्रोतों की कमी करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसा कि मैंने पहले कहा है, यह समय इस संक्रमण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एकजुट होने का है।

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