लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण और इलाज: जानें कैसे करें इस समस्या का समाधान

लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण और इलाज

लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण और इलाज: लैक्टोज इंटॉलरेंस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर दूध और दूध से बने उत्पादों (जैसे दही, पनीर, मक्खन) में मौजूद लैक्टोज नामक शर्करा को पचा नहीं पाता। यह समस्या तब होती है जब हमारी छोटी आंत में लैक्टेज नामक एंजाइम की कमी हो जाती है। लैक्टेज का काम लैक्टोज को ग्लूकोज और गैलेक्टोज में तोड़ना होता है ताकि शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर सके। जब यह एंजाइम कम होता है तो लैक्टोज ठीक से नहीं पचता और पेट में तकलीफ होने लगती है।

लैक्टोज इंटॉलरेंस के कारण

  1. जन्मजात कमी: कुछ लोगों में जन्म से ही लैक्टेज एंजाइम की कमी होती है हालांकि यह दुर्लभ है।
  2. उम्र के साथ कमी: बच्चों में लैक्टेज की मात्रा अधिक होती है लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह कम हो सकती है।
  3. बीमारी या चोट: छोटी आंत में इंफेक्शन, सर्जरी या सीलियक रोग जैसी बीमारियों से लैक्टेज का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
  4. जातीय कारण: एशियाई, अफ्रीकी और भारतीय लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है क्योंकि उनमें वयस्क होने पर लैक्टेज कम बनता है।

लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण

लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण दूध या दूध से बने उत्पाद खाने-पीने के कुछ समय बाद दिखाई देते हैं। इसके कारण शरीर में कई तरह की समस्याएं धीरे-धीरे होने लगती है। जैसे-

  • पेट में गैस बनना और पेट फूलना।
  • दस्त या पतली पॉटी आना।
  • पेट में दर्द या ऐंठन होना।
  • जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना।

लैक्टोज इंटॉलरेंस की जांच

अगर आपको लगता है कि आपको लैक्टोज इंटॉलरेंस है तो डॉक्टर से सलाह लें। इसमें मुख्य रूप से दो टेस्ट होते हैं।

  1. हाइड्रोजन ब्रीथ टेस्ट: इसमें लैक्टोज युक्त पेय पीने के बाद सांस में हाइड्रोजन की मात्रा मापी जाती है।
  2. ब्लड टेस्ट: खून में शर्करा की मात्रा देखकर पता लगाया जाता है कि लैक्टोज पच रहा है या नहीं।

लैक्टोज इंटॉलरेंस का इलाज और देखभाल

लैक्टोज इंटॉलरेंस का कोई स्थायी इलाज नहीं है लेकिन इसे निम्न तरीकों से कम किया जा सकता है। इसके लिए आप नीचे दिए तरीकों को अपना सकते हैं।

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  1. दूध और उससे बनी चीजों का सेवन कम करें। डेयरी उत्पाद में लैक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है।
  2. लैक्टोज-फ्री दूध, सोया मिल्क, बादाम का दूध या नारियल का दूध इस्तेमाल करें।
  3. दूध पीने से पहले लैक्टेज एंजाइम की गोली ले सकते हैं। इससे बहुत राहत मिलती है।
  4. दूध छोड़ने से कैल्शियम और विटामिन डी की कमी न हो इसके लिए हरी सब्जियां, मछली या सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।

लैक्टोज इंटॉलरेंस में सावधानियां

  • खाने की चीजों के लेबल पढ़ें क्योंकि कई पैकेटबंद उत्पादों में लैक्टोज हो सकता है।
  • छोटी मात्रा में दूध खाएं और देखें कि शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है। अगर समस्या है तो सतर्क हो जाएं।
  • अपने शरीर पर ध्यान दें और वहीं चीजें खाएं जो आपको खाने के बाद कोई समस्या ना पैदा करता हो।

बता दें कि लैक्टोज इंटॉलरेंस एक आम समस्या है जिसे सही जानकारी और सावधानी से कम किया जा सकता है। अगर आपको लगता है कि आपको यह समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।


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Ratna Priya

रत्ना प्रिया पिछले 6 वर्षों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं। वह मुख्य रुप से राजनीति, समाज, जेंडर, जीवनशैली, धर्म और संस्कृति जैसे विषयों पर लेखन करती हैं।

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