देश में शिक्षा को भारतीय भाषाओं में होनी चाहिए- उपराष्ट्रपति

भोपाल/नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैआ नायडू ने भारत में शिक्षा की पद्धति पर कहा है कि यहां पर शिक्षा भारतीय भाषाओं में होनी चाहिए। उन्होंने भारतीय भाषाओं में शिक्षा देने की वकालत करते हुए कहा कि देश में स्थित जितने भी शिक्षण संस्थान हैं वहां भारतीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा देने की शिक्षा प्रणाली होनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति नायडू माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चाहे वह मेडीसीन हो, इंजीनियरिंग हो, तकनीकी हो, सब भारतीय भाषाओं में होना चाहिये। उन्होंने कहा कि मेरा एक नागरिक होने के नाते विचार है कि सब भारतीय भाषाओं में होने चाहिए।

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उन्होंने कहा कि चुंकि इसमें काफी देर हो चुकी है। लेकिन यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाषा और भावना एक साथ चलती है। अपने मन की बात अपनी भाषा में करना आसान है। उन्होंने कहा कि “मैं अंग्रेजी सीखने के विरूद्ध नहीं हूं, अंग्रेजी सीखना चाहिये। लेकिन उसके पहले हमें हमारी मातृभाषा हिन्दी हो, तेलगू हो, पंजाबी या मराठी हो, सीखना चाहिये।”

उपराष्ट्रपति नायडू ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 201 विद्यार्थियों को स्नतकोत्तर उपाधि, 39 को एम फिल, 27 को पीएचडी उपाधि और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये एम जी वैद्य, अमृतलाल वेगड़ और महेश श्रीवास्तव को मानद उपाधियां प्रदान की।

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