Highlights:
- 60,000 महिलाएं महिला पेंशन योजना से हुईं बाहर
- लगभग 4.25 लाख महिलाओं का किया गया था सत्यापन
- अब 3.65 लाख महिलाएं ही ले रही हैं नियमित पेंशन
Highlights:
- 60,000 महिलाएं महिला पेंशन योजना से हुईं बाहर
- लगभग 4.25 लाख महिलाओं का किया गया था सत्यापन
- अब 3.65 लाख महिलाएं ही ले रही हैं नियमित पेंशन
दिल्ली सरकार की महिला पेंशन योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराए गए घर-घर सत्यापन अभियान के बाद 60,000 से अधिक महिलाओं को इस योजना के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। इन महिलाओं के नाम अब लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं और उन्हें पेंशन की सुविधा नहीं मिलेगी।
महिला पेंशन योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा, अलग रह रहीं या बेसहारा महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद दी जाती है। लेकिन नवंबर 2023 में शुरू हुए व्यापक सत्यापन अभियान में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं पाई गईं जो योजना की पात्रता पूरी नहीं कर रही थीं, फिर भी लाभ उठा रही थीं।
क्यों हुए नाम कट?
सत्यापन के दौरान कुछ महिलाएं ऐसी पाई गईं जो अब पुनर्विवाहित हो चुकी हैं, कुछ की आय स्थिर थी यानी वे कमाने लगी थीं, जबकि कुछ महिलाएं अब अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं रह रही थीं। इसके अलावा, कई मामलों में दस्तावेजों में गड़बड़ी और गलत जानकारी भी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे सभी मामलों में पेंशन भुगतान तुरंत रोका गया है।
कितने लाभार्थियों की हुई जांच?
इस सत्यापन प्रक्रिया में करीब 4.25 लाख महिलाओं की जांच की गई। यह काम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया। अब संशोधित सूची के अनुसार लगभग 3.65 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी को सहायता से वंचित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सहायता सिर्फ उन्हीं को मिले, जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी दावों पर रोक लगेगी।
कब शुरू हुई थी योजना?
दिल्ली महिला पेंशन योजना की शुरुआत वर्ष 2007-08 में की गई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत 6,288 महिलाओं को ₹600 प्रतिमाह की सहायता दी जाती थी। अब यह राशि बढ़कर ₹2,500 हो गई है और योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, वह दिल्ली की निवासी हो और परिवार की सालाना आय ₹1 लाख से अधिक न हो।

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