Highlights:
- लद्दाख में आकास प्राइम का परीक्षण सफल
- 24 घंटे के अंदर तीन मिलाइलों का सफल परीक्षण
- अग्नि वन की कुल रेंज 700 किलोमीटर है
Highlights:
- लद्दाख में आकास प्राइम का परीक्षण सफल
- 24 घंटे के अंदर तीन मिलाइलों का सफल परीक्षण
- अग्नि वन की कुल रेंज 700 किलोमीटर है
Agni-1 Missile Test:16 और 17 जुलाई को भारत द्वारा आकाश प्राइम पृथ्वी 2 और Agni-1 Missile Test सफलतापूर्वक किया गया। आकाश प्राइम मिसाइल लद्दाख में 4500 मीटर ऊंचाई पर टेस्ट किया गया जबकि पृथ्वी दो और अग्नि वन का टेस्ट उड़ीसा में किया गया। बता दें कि पृथ्वी 2 की मैक्सिमम रेंज 350 किलोमीटर है जबकि अग्नि वन के मैक्सिमम रेंज 700 किलोमीटर है।
मात्र 24 घंटे के दौरान तीन मिसाइल टेस्ट करके भारत ने दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखाने का काम किया है। मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद स्वदेशी हथियारों पर लगातार सरकार का जोड़ दिया जा रहा है।
लद्दाख में आकाश प्राइम का टेस्ट
16 जुलाई को भारतीय सेना और डीआरडीओ ने लद्दाख क्षेत्र में आकाश प्राइम मिसाइल का परीक्षण किया। यह परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा। यह मिसाइल 4500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर टेस्ट किया गया। यहां पर बहुत ही कम ऑक्सीजन की मात्रा होती है और हवाएं भी तेज चलती है।
ऐसे दुर्गम स्थानों में आकाश प्राइम मिसाइल का टेस्ट सफल होना इस बात का संकेत है कि इन क्षेत्रों में यदि युद्ध की संभावना बनती है तो भारत उससे निपटने में पूरी तरह से सक्षम है। वहीं 17 जुलाई को उड़ीसा के चांदीपुर एकीकृत टेस्ट रेंज से पृथ्वी 2 और अग्नि वन मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।
बता दें कि पृथ्वी 2 और अग्नि वन मिसाइल एक बैलिस्टिक मिसाइल है जो शर्ट रेंज के लिए बनाई गई है। इन मिसाइलों में परमाणु हथियार लोड वही है किया जा सकता है।
आकाश प्राइम मिसाइल परीक्षण सफल
लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल होना भारत के लिए एक रणनीतिक बढ़त है। यह मिसाइल 30 से 35 किलोमीटर तक के लक्ष को खत्म कर सकता है। 18 से 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक यह सटीक तरीके से टारगेट पर हमला करता है।
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आकाश प्राइम मिसाइल को लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है। इस मिसाइल में राजेंद्र रडार लगा हुआ है जो 360° का कवरेज देता है और यह कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक कर सकता है।
अपने सफल परीक्षण में आकाश प्राइम मिसाइल ने दो हाई स्पीड ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस मिसाइल का सबसे बड़ा फीचर स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी शिकर है जो लक्ष्य को बहुत ही स्टिकता से पहचानता है और सही तरीके से हमले को अंजाम देता है। बता दें कि यह तकनीक पहले सिर्फ कुछ ही देश के पास था लेकिन अब इसे भारत भी बना रहा है।
सॉलिड ईंधन से चलने वाले अग्नि वन का रेंज 700 किलोमीटर
भारत की पृथ्वी मिसाइल सिस्टम का पृथ्वी 2 लिक्विड ईंधन से चलने वाला मिसाइल है जिसकी रेंज 350 किलोमीटर है और यह 350 किलोमीटर के अंदर किसी भी टारगेट को आसानी से भेद सकती है। वहीं अग्नि वन सॉलिड ईंधन से चलने वाली मिसाइल है। जिसकी कुल रेंज 700 किलोमीटर है। दोनों ही मिसाइल परमाणु क्षमता को रखते हैं और सामान्य वारहेड ले जा सकते हैं। इन दोनों मिसाइल को स्ट्रैटेजिक फोर्सज कमांड की देखरेख में टेस्ट किया गया

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