बीजेपी दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने की इस्तीफे की पेशकश, आलाकमान ने कहा…

बीजेपी दिल्ली अध्यक्ष

दिल्ली विधानसभा में बीजेपी की हार के बाद बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की पेशकश को ठुकरा दिया और बीजेपी आलाकमान ने मनोज तिवारी को पद पर बने रहने के लिए कहा। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में मनोज तिवारी ने दिल्ली में 48 सीटें जीतने का दावा किया था। लेकिन चुनाव के बाद बीजेपी को सिर्फ 8 सीटें मिली।

बताया जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान ने मनोज तिवारी के इस्तीफे की पेशकश को इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के चलते बीजेपी के संगठन के चुनाव को टाल दिया गया था। अब नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर संगठन का चुनाव होगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने हार की जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की।

मनोज तिवारी को आखिर तक थी जीत की उम्मीद

यह भी पढ़ें -   भाजपा को मिले 15 साल और मुझे केवल 15 महीने: कमलनाथ

दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी का रहा था। 11 फरवरी को मनोज तिवारी दोपहर तक आश्वस्त थे कि बीजेपी को बहुमत मिल जाएगा। हालांकि जैसे-जैसे दिन ढलता गया, उनका हौसला कम होता गया। शाम होने के बाद आखिरकार उन्होंने हार कबूली और अरविंद केजरीवाल को बधाइयां दीं।

ट्वीट में 48 सीटें जीतने का दावा किया था

यह भी पढ़ें -   दिल्ली के अस्पतालों में दिल्लीवालों का इलाज, केजरीवाल के 'न्याय' पर भड़का विपक्ष

मनोज तिवारी ने इससे पहले 8 फरवरी के मतदान के बाद 48 सीटें जीतने का दावा किया था। जब एग्जिट पोल आए तो पूरी तरह से आम आदमी पार्टी के पक्ष में थे। 11 फरवरी को काउंटिंग के वक्त उन्होंने ट्वीट किया था, ‘ये सभी एक्जिट पोल होंगे फेल, मेरा ये ट्वीट संभालकर रखिएगा। बीजेपी दिल्ली में 48 सीट लेकर सरकार बनाएगी, कृपया ईवीएम को दोष देने का अभी से बहाना ना ढूंढें।

यह भी पढ़ें -   आंध्र प्रदेश में बंद हुआ सीबीआई के लिए दरवाजा, लेनी होगी राज्य सरकार से अनुमति

हार के बाद ट्वीट पर सफाई

मनोज तिवारी ने कहा था, ‘मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं और हमारा एक आंतरिक सर्वे होता है। प्रदेश अध्यक्ष को यह थोड़ी बोलना चाहिए कि हम पहले ही हार गए। उन्होंने कहा था कि कोई ऐसा नहीं बोलेगा और जब तक रिजल्ट न आ जाए किसी को ऐसा कहना भी नहीं चाहिए। मनोज तिवारी ने कहा था कि जिसका वोट 4 प्रतिशत आया, उसे भी नहीं बोलना चाहिए, उसे भी बढ़िया से लड़ाई लड़नी चाहिए। मेरा अनुमान गलत सिद्ध हुआ।’