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वेंकैया नायडू बने देश के 13वें उपराष्ट्रपति, मिले 68 फीसदी वोट

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए ने बाजी मार ली है। एनडीए उम्मीदवार वेंकैया नायडू को 68 फीसदी वोट हासिल हुए। जबकि विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को 32 फीसदी वोट मिले। जीत के बाद बीजेपी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के करीब 24 सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार नायडू को वोट दिया है।

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उपराष्ट्रपति चुनाव में जहां वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले वहीं विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को 244 वोट मिले। विपक्ष को इस बात की चिंता है कि उन्हें 40 सांसदों ने वोट देने की बात कही थी। लेकिन आंकड़ा कुछ और ही कह रहा है। हालांकि गोपालकृष्ण गांधी को राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार से ज्यादा वोट हासिल हुए हैं। मीरा कुमार को 225 वोट मिले थे जबकि गोपालकृष्ण गांधी को 244 वोट मिले।

राष्ट्रपति चुनाव में जदयू और बीजेडी ने बीजेपी का साथ दिया था, तो उपराष्ट्रपति चुनाव में इन दलों ने विपक्ष का साथ दिया। उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल वोटों में 11 वोटों को अमान्य करार दिया गया। चुनाव में 14 सदस्यों ने अलग-अलग कारणों से भाग नहीं लिया था। इनमें से तृणमूल कांग्रेस के चार, भाजपा, कांग्रेस एवं आईयूएमएल के दो तथा राकांपा एवं पीएमके एक-एक सदस्य शामिल हैं।

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इस जीत के साथ ही वेंकैया नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गए। इस चुनाव में जीत के साथ ही आरएसएस का परचम शीर्ष पदों पर देखा जा सकता है। देश के तीन शीर्ष संवैधानिक पदों पर आरएसएस पृष्ठभूमि के लोग काबिज हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। हालांकि इन तीनों ही नेताओं का जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण और सादगी भरा रहा है। तीनों ही एक सामान्य भारतीय परिवार की पृष्ठभूमि से आए हैं। संघ के इन तीनों ही नेताओं की छवि पाक-साफ मानी जाती है। इन सभी पर कभी भी पूरे जीवन में अभी तक भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है।

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