आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद, जम्मू में हाई अलर्ट

श्रीनगर। संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी। आतंकी अफजल गुरु संसद हमले में दोषी पाया गया था। ऐसे में घाटी में किसी भी प्रकार का माहौल न बिगड़े इसके चलते प्रशासन ने कश्मीर में 2जी इन्टरनेट सेवा पर रोक लगा दी।

दरअसल, 31 जनवरी को जम्मू के नगरोटा में हुए एनकाउंटर में जिंदा पकड़े गए आतंकियों के मददगार समीर डार ने पूछताछ में कबूला था कि पाकिस्तान अफजल गुरु की बरसी वाले दिन यानि नौ फरवरी के आस-पास जम्मू में फिदायीन हमले की फिराक में है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो इस हमले को अंजाम देने के लिए फिदायीन जम्मू पहुंच चुके हैं।

खुफिया एजेंसियों के इस अलर्ट के बाद अब जम्मू शहर में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के साथ ही अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। बता दें कि गत दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में नौ फरवरी के आस-पास किसी बड़े फिदायीन हमले की फिराक में है और इसी के मद्देनजर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था।

जम्मू से श्रीनगर जाने वाली ट्रक की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू से श्रीनगर की तरफ से जाने वाले ट्रकों में पाकिस्तान आतंकियों को घाटी में भेज रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि इसके लिए पाकिस्तान के इशारे पर ट्रकों में खास तरह के इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षाबलों को चकमा दिया जा सके।

इस अलर्ट के बाद कश्मीर जाने वाले ट्रकों की विशेष तलाशी की जा रही है। खुफिया एजेंसियों के इस अलर्ट के बाद सुरक्षाबल जम्मू से सटी पाकिस्तानी सीमा पर भी खास निगरानी कर रहे हैं। जम्मू पठानकोट हाईवे पर सुरक्षा के यह बंदोबस्त जम्मू-कश्मीर में खुफिया एजेंसियों के उस अलर्ट के बाद किए गए हैं जिसमें कहा गया है, पाकिस्तान समर्थित आतंकी नौ फरवरी के आस-पास जम्मू में फिदायीन हमला कर सकते हैं।

इस अलर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तानी फिदायीन जम्मू में किसी सैन्य शिविर या फिर सेना या अर्धसैनिक बलों की छावनी को निशाना बना सकते हैं। इस अलर्ट के बाद जम्मू में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं और शहर में आने वाले हर वाहन की तलाशी की जा रही है। सुरक्षा बल खासतौर पर पंजाब की तरफ से आने वाले वाहनों पर नजर रखे हुए हैं।

Show comments

This website uses cookies.

Read More