स्वास्थ्य

पथरी की समस्या (Stone problem) को कैसे दूर करें? जानें उपाय

पथरी की समस्या (Stone Problem Remedies) से कैसे छुटकारा पाएं? हमारे खानपान में बदलाव से पथरी की समस्या (Stone Problem) बढ़ रही है। पथरी के इलाज में सर्जरी करनी पड़ती है। हालांकि भारतीय चिकित्सा पद्धति होम्योपैथी में पथरी का इलाज संभव है। होम्योपैथी से पथरी का इलाज करने से बार-बार पथरी होने का खतरा भी नहीं होती है।

पथरी का क्या होता है? – What is Stone Problem?

पथरी मुख्य रूप से कैल्शियम ऑक्जीलेट और फॉस्फेट से बनता है। पथरी तब बनता है जब शरीर में पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है। यही पोषक तत्व गाढ़ा होकर पथरी का रूप ले लेती है। पथरी का रोग होने से शरीर में तेज दर्द और यूरिन में जलन की समस्या होने लगती है।

किन्हें होती है बार-बार पथरी – (Stone Problem)

आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथी में भी तीन प्रकार के प्रकृति वाले लोग बताए गए हैं। पहला है सोरा, दूसरा सिफलिस और तीसरा सायकोटिक (सायकोसिस) है। जिन लोगों की प्रकृति सायकोसिस की होती है उन्हें पथरी की समस्या बार-बार होती है।

पथरी की समस्या का समाधान कैसे करें? – Stone Problem Remedies in Hindi

खट्टे फलों का सेवन करें – खट्टे फलों का जूस पीएं या फलों का सेवन करें। इन फलों में साइट्रिक एसिड मौजूद होता है। यह साइट्रिक एसिड कैल्शियम और फॉस्फोरस को घुलनशील बना देता है। इससे शरीर में पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है। यदि कोई पथरी (Stone Problem) होने पर दवा ले रहा हो तो उन्हें संतरा का जूस, मौसमी का जूस या अनानास का जूस का सेवन एक गिलास रोज करना चाहिए।

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पथरी रोग (Stone Problem) से परेशान हैं और ठीक होना चाहते हैं तो टमाटर, बैंगन, पालक, कच्चा चावल, भिंडी जैसे बीज वाली फलों और सब्जियों का सेवन नहीं करें। इसके साथ-साथ खाने में सॉफ्ट ड्रिंक और चॉकलेट खाने से भी पथरी होने की संभावना रहती है।

पथरी की समस्या होने पर क्या सावधानी रखें? – (Stone Problem Remedies)

अगर आप पथरी से परेशान हैं और उसे ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाई ले रहे हैं तो ऐसी स्थिति में होम्योपैथी की दवाई न लें। दोनों एक साथ लेने से होम्योपैथी की दवाई का असर नहीं होगा। एंटीबायोटिक दवा को बंद करके होम्योपैथी की दवा लेना चाहिए।

होम्योपैथी से पथरी की समस्या का इलाज (Stone Problem Remedies) करने से पथरी ठीक हो जाता है। इससे सर्जरी कराने की समस्या और दर्द को भी टाला जा सकता है। कोन्स, बिनाइन ट्यूमर और यूट्रस में फाइब्रॉइड की समस्या में भी होम्योपैथी कारगर होता है।

पथरी अगर किडनी में हो जाए तो ज्यादा तकलीफदेह होता है। किडनी की पथरी होने पर सर्जरी में बहुत समस्याएं आती है। लोगों को यूरिन से संबंधित परेशानियों से भी गुजरना पड़ता है।

किडनी में पथरी होने के लक्षण
  • यूरीन करते समय तेज दर्द
  • यूरिन से अधिक दुर्गंध आना।
  • किडनी या पेट में सूजन
  • अधिकतर बुखार रहना
  • उल्टी आती रहना
  • नार्मल से अधिक बार यूरीन आना
  • यूरीन में खून आना।

मूली का सेवन करें – सर्दियों में मूली का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। किडनी में पथरी का रोग है तो रोजाना सुबह खाली पेट एक मूली का सेवन करने से इसमें राहत मिलती है।

किडनी में पथरी की समस्या होने पर अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे पथरी आसानी से यूरीन के द्वार से बाहर निकल जाता है और दर्द से छुटकारा मिल जाता है।

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Huntinews Team

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