प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के भारत दौरे पर पाक प्रायोजित आतंकवाद रहेगा प्रमुख मुद्दा

नई दिल्ली। हाल ही में पाकिस्तान दौरे के बाद सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत आए हैं। बिन सलमान का यह दौरा दो दिनों का है। मोहम्मद बिन सलमान का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में पुलवामा हमला हुआ है। हमले में भारत के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए हैं। भारत की जनता में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर रोष है।

केंद्र सरकार पर इस वक्त भारी दबाव है कि सरकार पाकिस्तान को सबक सिखाए। हालांकि सरकार ने इस बात पहले ही अपना रूख साफ कर दिया है कि सरकार पाकिस्तान को विश्व में अलग-थलग करेगा। इसके लिए सरकार ने विभिन्न स्तर पर त्वरित निर्णय भी लिया है। हालांकि जनता पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है।

उधर सऊदी प्रिंस के दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी खुद प्रोटोकॉल तोड़कर बिन सलमान को एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंचे। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को गले भी लगाया। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के साथ विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह भी मौजूद थे।

pakistan-sponsored-terrorism-will-be-the-main-issue-of-prince-mohammed-bin-salmans-visit-to-india
सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

सऊदी प्रिंस के दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद एक प्रमुख मुद्दा रहेगा। इसके साथ ही भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। बता दें कि सऊदी प्रिंस का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि संयुक्त बयान में आतंकवाद पर क्या बात होगी यह देखने वाली बात होगी।

हालांकि प्रिंस बिन सलमान के भारत दौरे से पहले सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल जुबैर ने सोमवार को कहा था कि पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव को रियाद कम कराने का प्रयास करेगा। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, सऊदी अरब के शाहजादे मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्लुल अजीज अल सौद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं।

भारत में प्रिंस बिन सलमान का यह पहला दौरा है। भारतीय पीएम के साथ उनकी शिष्टमंडल स्तर की बैठक हैदराबाद में होगी। खबरों के मुताबिक, उसके बाद प्रिंस सलमान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव टीएस त्रिमूर्ति ने कहा कि सऊदी नेता के दौरे में दोनों पक्षों के बीच निवेश, पर्यटन, आवास और सूचना तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में पांच समझौतों पर दस्तखत होने की उम्मीद है।

बता दें कि सऊदी अरब और भारत के बीच एक मजबूत व्यापारिक संबंध रहा है। हालांकि सऊदी अरब का झुकाव पाकिस्तान के तरफ भी है। सऊदी अरब भारत के लिए ऊर्जा जरूरतों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। सऊदी से भारत कच्चे तेल का आयात करता है।

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें