बुरे फंसे नवाज, देना पड़ा इस्तीफा, पूरा परिवार लपेटे में

Nawaz convicted Panama papers leak case

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज की मुश्किलें बढ़ गई है। पनामा पेपर्स मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कुर्सी भी चली गई है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा लीक केस में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने ये फैसला संयुक्त जांच आयोग के रिपोर्ट के आधार पर दिया है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की पैनल ने नवाज को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया और अयोग्य घोषित कर दिया।

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इस मामले पर नवाज शरीफ सफाई दी थी। शरीफ ने कोर्ट से एक न्यायिक आयोग बनाने की मांग भी की थी। उन्हों‍ने कोर्ट के समक्ष अपनी तीन पीढ़ियों के खातों का ब्यौरा भी सौंपा था। नवाज ने नेशनल असेंबली और कोर्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। उनका कहना था कि ये संपत्ति उनके बच्चों ने अपनी मेहनत से कमाई है। इसी से ब्रिटेन में फ्लैट खरीदा। लेकिन ये दलीलें पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में टिक नहीं सकीं और नवाज को 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से दोषी करार दे दिया। दोषी करार होने के बाद शरीफ ने पद से इस्तीफा दे दिया।

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हालांकि इस मामले में नवाज की बेटी मरियम नवाज ने कहा कि “आज का दिन 2018 में नवाज शरीफ की जीत की राह बनाएगा। इंशा अल्लाह। रोक सकते हो, तो रोक लो! इस ट्वीट के साथ उन्होंने अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) में एकजुटता का दावा करते हुए कुछ तस्वीरें भी साझा की।” बता दें कि नवाज के इस्तीफे के बाद उनकी बेटी मरियम को राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

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बता दें कि पनामा पेपर्स का खुलासा 2013 में इंटरनैशनल कन्सॉर्टियम ऑफ इन्वैस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आई.सी.आई.जे.) के द्वारा किया गया था। जिसमें कई देशों के बड़े-बड़े हस्तियों के नाम सामने आए। सभी विभिन्न क्षेत्र से जुड़े हुए थे। सभी पर फर्जी कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अरबों रूपये विदेशी बैंकों में जमा कराने का आरोप है। उस समय आईसलैंड के पीएम को इस मामले में इस्तीफा देना पड़ा था।

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