Mauni Amavasya 2020: मौनी अमावस्या के दिन इन बातों का रखें ध्यान

भारत में हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या को खास माना जाता है। हिंदू धर्म में स्नान, दान, ध्यान का बड़ा महत्व है। माघ महीने में होने वाली मौनी अमावस्या बहुत ही फलदायी होता है। अमावस्या के पवित्र मौके पर नदियों में आस्था की डुबकी लगाने वाले भक्तों का कल्याण होता है। हालांकि मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2020) पर कुछ खास बातों का भी ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि वो कौन सी बातें हैं जो इस अमावस्या के दिन ध्यान रखना चाहिए।

मौनी अमावस्या 2020 (Mauni Amavasya 2020) पर रखें इन बातों का ख्याल

धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, मौनी अमावस्या के दौरान बुरी आत्माओं का प्रभाव बहुत अधिक बढ़ जाता है। ये आत्माएं इंसान की हंसती-खेलती जिंदगी को तबाह कर सकती हैं। इसलिए मौनी अमावस्या के दिन कब्रिस्तान या श्मशान घाट के नजदीक से होकर नहीं गुजरना चाहिए।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2020) के दिन सूर्योदय होने तक नहीं सोना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन देर तक सोना अशुभ होता है। इस दिन स्नान और पूजा के बाद ही कुछ खाना चाहिए। गरुण पुराण के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन शारीरिक संबंध बनाना शुभ नहीं होता है। इससे दामपत्य जीवन में समस्या आती है।

मौनी अमावस्या की पूरी अवधि में इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि मन में किसी भी तरह से यौन संबंधों को लेकर कोई विचार न आए। मौनी अमावस्या के दिन घर में शांति बनाएं रखें। इस दिन बिना मतलब का लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी व्यक्ति का अपमान न करें। बोली में मिठास लाएं और लोगों के साथ समरसता से जीवन जिएँ।

Mauni Amavasya 2020

मौनी अमावश्या (Mauni Amavasya 2020) के दिन गंगा जल से स्नान करने का महत्व है। यदि नदी पर जाना संभव न हो तो घर के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान से पहले मौन रहने की कोशिश करें। अमावस्या के दिन मांस-मछली और मदिरा पान का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन शाकाहारी भोजन ही करना चाहिए।

मौनी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। हालांकि पूजा के वक्त पीपल को स्पर्श नहीं करना चाहिए। यदि शनिवार के दिन अमावस्या पर रहा हो तो पीपल के वृक्ष को स्पर्श किया जा सकता है। मौनी अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष का 108 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।

इन दिन पलंग पर सोने से  बचना चाहिए और शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए। जमीन पर चटाई बिछाकर सोना शुभ माना जाता है। मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2020) के दिन दान करना शुभ माना जाता है। यदि इस दिन दान किया जाता है तो बिना किसी को बताए दान करना चाहिए। दान करते वक्त बोलना नहीं चाहिए। चुपचाप ही दान करना चाहिए।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2020) के दिन स्त्रियों को किसी भी तरह का श्रंगार नहीं करना चाहिए। ऐसा करना इस दिन वर्जित माना जाता है। स्नान के बाद सादे वस्त्र पहनना चाहिए और ईश्वर की पूजा के उपरान्त ही भोजन करना चाहिए।

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